देवालयी राग सेवा परियोजना

ब्रज संस्कृति के संवर्द्धन में यहां की देवालयी परंपराओं का महत्वपूर्ण योगदान है। समय के प्रवाह एवं अन्य कारणों से आज कई परंपरायें सीमित हुई हैं अथवा विलुप्ति के कगार पर हैं। इसी क्रम में संस्थान के प्रकल्प शोध एवं प्रकाशन अनुभाग द्वारा ब्रज की समृद्ध संगीत परंपरा को दृष्टिगत कर देवालयों से जुड़े समाज गायन, कीर्तन, हवेली संगीत एवं ध्रुपद गायन आदि के संरक्षण तथा इनसे जुड़ी लिखित एवं वाचिक परंपरा के दस्तावेज़ीकरण की दिशा में सार्थक प्रयास करते हुए देवालयी राग सेवा परियोजना आरंभ की है। नई पीढ़ी में इन परंपराओं के प्रति रूचि पैदा करना तथा इनके संरक्षण की दिशा में इस परंपरा पर केन्द्रित अध्ययन-शोध, प्रकाशन तथा सतत कार्यशालाओं का संचालन अनुभाग द्वारा कराया जाता है।