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प्रकाशन

वृन्दावन शोध संस्थान विद्वानों के अनुसंधान के लिये सुविधाएँ प्रदान करता है। कई विद्वान इस संस्थान से अनुसंधान कार्य करने के लिए हिंदी और संस्कृत में पीएचडी की डिग्री से सम्मानित किये गये हैं। वी.आर.आई. ने कई शोध पुस्तकें प्रकाशित की हैं। संस्थान ने कई बुलेटिनों और महत्त्वपूर्ण संस्करणों को प्रकाशित किया है। संस्थान द्वारा हमारे पुस्तकालय के लिए संस्कृत पांडुलिपियों को 5 भागों में, हिन्दी पांडुलिपियों को 2 भागों में, पंजाबी, बांग्ला और माइक्रोफ़िल्माकंन की प्रत्येक पांडुलिपि को 1-1 भाग में प्रकाशित किया गया है।
संस्थान साहित्य तथा तिमाही सांस्कृतिक पत्रिका "राज सेला" को भी प्रकाशित करता है। ब्रज की संस्कृति को बचाने तथा संरक्षित करने के लिए वृन्दावन शोध संस्थान विभिन्न कार्यों, जैसे- सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सेमिनारों, प्रदर्शनियों तथा कार्यशालाओं का आयोजन आदि करता है।

बृज सलिला

वृन्दावन अनुसंधान संस्थान भारत, विशेषतः बृज के सांस्कृतिक पक्ष को उजागर करने व उसके संवर्धन हेतु एक त्रैमासिक पत्रिका प्रकाशित करता है। इस पत्रिका में संस्थान की गतिविधियों तथा संस्थान व इस क्षेत्र के सांस्कृतिक आयोजनों की विस्तृत रिपोर्ट भी प्रकाशित होती है। बृज सलिला की प्रति मंगाने के लिये हमें 'लिखे'।

डा०एन०सी० बंसल द्वारा संपादित चन्द्रकला

यह काव्य छोटा नागपुर (महाराष्ट्र) के प्रेमचन्द्र द्वारा रचित है। बृजभाषा की इस रचना में महाकवि तुलसीदास की शैली का अनुसरण किया गया है। यह रचना इस अर्थ में दुर्लभ है कि इसमें सौंदर्य एंव भक्ति दोनों का समावेश है। इसमें लोक एंव उच्च साहित्यिक परम्परा का समागम है। वर्ष १८०७ ई० की इस रचना की विस्तृत भूमिका तथा संलग्नक विद्वानों के लिये लाभदायक हैं। डा० (श्रीमती) कमलेश पारीक द्वारा सम्पादित श्रृंगार सरसी रस संस्कृत रचना का विषय नायिका भेद है। इसकी पाण्डुलिपि जयपुर के प्रवंकर संग्रह से प्राप्त हुई है। संपादक ने मूल पाठ का सरल शैली में अनुवाद किया है।

 

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वर्ष 1968 में अपने स्थापना काल से ही संस्थान द्वारा शोध अध्येता, संस्कृति प्रेमी विज्ञजनों और ब्रज में आने वाले पर्यटकों की सुविधार्थ संस्कृति अध्ययन की विविधतापरक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रकाशन किये गये हैं। विगत 05 दशकों की शोध यात्रा में संस्थान ने अपने संग्रह में विद्यमान बंगला, संस्कृत, ब्रजभाषा, गुरूमुखी आदि पांडुलिपियों का सूचीकरण [Cataloguing]  करने के साथ ही अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथों का प्रकाशन ख्यातिलब्ध विद्वानों के सहयोग से समय-समय पर किया। इस दिशा में अनुभाग ने वर्तमान तक अपने प्रकाशनों की गौरवशाली परंपरा स्थापित की है।

Catalogues of Manuscripts at Vrindavan Research Institute

 

  • A Catalogue of Sanskrit Manuscripts 
  1. Part I- Rs.95.00, Part II-Rs. 110.00, 
  2. Part III-Rs.125.00 Part IV-Rs.175.00, 
  3. Part V-Rs.225.00.Part VI-Rs. 800.00
  • A Catalogue of Hindi Manuscripts
  1. Part I Rs.65.00, Part II-Rs.180.00
  • A Catalogue of Bengali 
  1. Manuscripts Rs. 150.00
  • A Catalogue of Manuscripts 

         Microfilmed by Vrindavan  

         Research  Institute Part I-Rs. 85.00

         A Descriptive Catalogue of Punjabi Manuscripts Part I-Rs. 175.00

 

शोधपरक प्रकाशन@Research Publications

01.  ब्रज की रासलीला (द्वितीय संस्करण)

(सम्पा.) श्री प्रभुदयाल मीतल

Braj ki Rasleela - (Revised Edition) 

(ed.) Prabhu Dayal Mittal, Rs. 600.00 ISBN: 978-81-904946-1-8

पूर्ण शोधपरक यह ग्रंथ रासलीला के उद्भव एवं विकास को लक्ष्य कर सृजित किया गया है। जिज्ञासु, अन्वेषक, शोधार्थी, विद्वानों तथा ब्रज के रास-प्रेमियों के लिए यह पुस्तक अत्यन्त उपयोगी है।

02. दशश्लोकी (सटीक) 

(सम्पा.) डॉ.श्रीमती कमलेश पारीक 

Dashashloki

(ed.) Dr.Kamlesh Pareek, Rs. 30.00

श्री निम्बार्काचार्य कृत वेदान्त दर्शन पर आधारित दस श्लोकों का सटीक अनुवाद एवं शोधपरक विवेचन इस पुस्तक में किया गया है। टीकाकार नन्ददास हैं। ग्रन्थ का लिपिकाल 1891 ई. है।

03. केवलराम कृत रासमान के पद

(सम्पा.) प्रो. एलन एंट्विसिल

Rasman ke Pad by Keval Ram

(Hindi Version) Rs. 30.00 Paper back

(English Version) (ed.) Prof. Alan Entwistle, 

Rs. 45.00 Paper back 

इस पुस्तक में पुष्टिमार्गीय अष्टम गद्दी के आचार्य श्री केवलराम जी द्वारा डेरागाज़ीखान में रचित ब्रजभाषा के रासलीला-पदों का संकलन है। लिपिकाल 1876 ई. है।

04. स्वामी चरणदास कृत रहस्य दर्पण एवं रहस्य चन्द्रिका

(सम्पा.)  डॉ. रामदास गुप्त एवं डॉ. शरण  बिहारी गोस्वामी

Rahasya Darpan-Rahasya Chandrika 

Swami Charan Das, (ed.) Dr.R.D.Gupta & Dr. Sharan Bihari Goswami. 

Rs. 45.00 Paper back, Rs. 60.00 Hard Bound.

हरिदासी संप्रदायानुयायी स्वामी चरणदास जी द्वारा श्रीराधाकृष्ण की दिव्य श्रृंगार रस परक निकुंजोपासना की गूढ़ परम्परानुसार सृजित दो ग्रन्थों का एक संपूर्ण तात्विक विवेचन, रसदर्शन सहित शोधात्मक दृष्टि से किया गया है।

05. रसिक कर्णाभरण (लीला), 

(संपा.) डॉ.नरेशचन्द्र बंसल 

Rasik Karnabharan (Leela) 

(ed.) Dr. Naresh Chandra Bansal

Rs. 40.00 Paper Back, Rs. 60.00 Hard Bound.

इस पुस्तक में स्वामी मनोहरदासजी द्वारा ब्रजभाषा में रचित छन्दबद्ध कृष्णलीला चिन्तन है। विविध छन्दों का प्रयोग शोधात्मक दृष्टि से उत्तम है। लिपिकाल वि.सं.1840 है।

06.  स्मरण दर्पण, (संपा.) गोपालचन्द्र घोष 

Smaran Darpan, (ed.) Gopal Chandra Ghosh 

Rs. 25.00 Paper back, Rs. 35.00 Hard Bound.

श्री रामचन्द्र कविराज कृत ब्रजबोली में गुरु महिमा एवं वृन्दावन की निकुंज लीला ध्यान की पुस्तक का सरल हिन्दी में अनुवाद एवं टिप्पणी है। लिपिकाल 17वीं शताब्दी है।

07.  यमुना एवं यमुनाष्टक  

(द्वितीय परिवर्धित संस्करण)

(सम्पा.) श्रीवृन्दावनबिहारी

Yamuna Evam Yamunashtak 

(Revised Edition)  (ed.) Vrindavan Bihari, Rs. 500.00

विभिन्न विद्वानों एवं आचार्यों द्वारा रचित यमुनाष्टकों की सटीक व्याख्या तथा यमुना के उद्भव एवं विकास का वैदिक, पौराणिक एवं भौगोलिक विश्लेषण सहित शोधपूर्ण ग्रन्थ है।

08.  छन्दःकौस्तुभ, (सम्पा.) डॉ. कमलेश पारीक

Chhanda Kaustubh, 

(ed.) Dr. Kamlesh Pareek 

Rs. 175.00 Paper back, Rs. 250.00 Hard Bound

पं.राधादामोदरदास रचित छन्द कौस्तुभ नामक ग्रन्थ का अनुवाद तथा छन्द शास्त्र के विविध आयामों के दृष्टिकोण से सटीक विवेचन किया गया है। इसके टीकाकार गौड़ीय सम्प्रदाय के मूर्धन्य टीकाकार पं. बल्देव विद्याभूषण हैं। लिपिकाल सन् 1770 है।

09.   मथुरा माहात्म्य, (सम्पा.) डॉ. उमा भास्कर

Mathura Mahatmya 

(ed.) Dr. Uma Bhaskar 

Rs. 100.00 Paper back, Rs. 125.00 Hard Bound.

वाराहपुराण के अन्तर्गत मथुरा  माहात्म्य के श्लोकों का हिन्दी में अनुवाद किया गया है। सम्पूर्ण व्याख्या के साथ मथुरा का ऐतिहासिक तथा भौगोलिक स्थिति निरूपण भी इसमें सम्मिलित है।

10. Vrindavan in Vaishnava Literature 

(English) Dr. M. Corcoran,  Rs. 350.00.

It deals with Various kinds of meditation on Vrindavan leela and complete analysis according to different sects.

11. ब्रज की लोक कथाएँ - 

डॉ. ब्रजभूषण चतुर्वेदी ‘दीपक’

Braj ki Lok-Kathayen, 

Dr.Braj Bhushan Chaturvedi

Rs. 160.00 Paper back, Rs. 180.00  Hard Bound.

ब्रज क्षेत्र में विशेषकर महिलाओं द्वारा वर्ष भर विभिन्न पर्वोत्सवों पर कही-सुनी जाने वाली लोक-कथाओं का ब्रजभाषा में संग्रह एवं शोधपरक अध्ययन।

12. An Early Testamentary 

Document in Sanskri  (Eng.)

Tarapada Mukherjee & Prof. J.C. Wright, Rs. 10.00

Sanskrit documents by Shrila Jiva Goswami about temples and manuscripts etc. (written in V.S. 1663)

13. श्री गोपाल पाठावली (सम्पा.)

चंद्रधर त्रिपाठी एवं श्री गोपालचंद्र घोष 

Sri Gopal Pathavali

(ed.) Chandra Dhar Tripathi & Gopal Ghosh,

Rs. 40.00 Paper back, Rs. 100.00 Hard Bound

इस पुस्तक में विभिन्न प्रकाशित एवं अप्रकाशित स्तोत्र, कवच, पटलों का शोधित एवं सचित्र संकलन है।

14. श्रृंगार सरसी, (सम्पा.) डॉ. कमलेश पारीक 

Shringar Sarasi

(ed.) Dr. Kamlesh Pareek, Rs. 300.00

श्री भाव मिश्र कृत नायक-नायिका भेद पर आधारित श्रृंगार रस परक सचित्र काव्य शास्त्रीय ग्रन्थ का अनुवाद एवं सम्पादन इस पुस्तक में किया गया है। काव्य शास्त्र के अध्येताओं के लिए अत्यन्त उपयोगी। लिपिकाल वि. सं. 1943 है।

15.  चन्द्रकला, (सम्पा.)  डॉ. नरेशचन्द्र बंसल,

Chandrakala  

(ed.) Dr. Naresh Chandra Bansal, Rs. 350.00

हिन्दी भाषी क्षेत्र महाराष्ट्र के सुकवि प्रेमचन्द्र प्रणीत चन्द्रकला एक लोकाश्रित प्रेमाख्यान ग्रन्थ है। यह काव्य ग्रन्थ दाम्पत्य सम्बन्धों की पवित्रता और शुद्धता का अमर संदेश देता है। लिपिकाल वि. सं. 1853 है।

16. राधिका पाठावली, (सम्पा.) गोपालचन्द्र घोष 

Radhika Pathavali 

(ed.) Gopal Chandra Ghosh,  Rs. 100.00

ब्रज की अधिष्ठात्री देवी एवं श्रीकृष्ण की आह्लादिनी शक्ति श्रीराधा की स्तुतियाँ, कवच और सहस्रनाम आदि को संगृहीत कर यह पुस्तक तैयार की गयी है।

17. वैष्णव तिलक, प्रो. ए.डब्ल्यू. एंट्विसिल, 

Vaishnava Tilakas, 

Prof. A.W.Entwistle (Revised Edition) 

(Ed.) R.D. Paliwal & Dr. B.B. Chaturvedi 

Rs.150.00  Hard Bound.

'Tilak' is a sectarian mark born by the followers of various faiths. This book throws light on the religious principles and virtues of different Tilakas. Written by an eminent scholar and admirer of Indian Culture specially Braj. The book is richly illustrated.

18. गोधूलिबेला, (डॉ.रामदास गुप्त का कविता संकलन) 

(संपा.) डॉ. नरेशचंद्र बंसल

Godhuli Bela, 

(A Poetic collection by Dr.R.D.Gupta) 

(ed.) Dr. Naresh Chandra Bansal, 

Rs. 250.00 Hard Bound.

वृन्दावन शोध संस्थान के संस्थापक डॉ.रामदास गुप्त द्वारा गोधूलि बेला को केन्द्रित कर रची श्रृंगार-रसपरक हिन्दी कविताओं का संकलन।

19. गीत-गन्धा, गीत संकलन, 

डॉ. ब्रजभूषण चतुर्वेदी ‘दीपक’

Geet-Gandha A Poetic collection-

Dr.Braj Bhushan Chaturvedi, 

Rs. 100.00 Hard Bound.

डॉ.ब्रजभूषण चतुर्वेदी दीपक द्वारा विभिन्न विषयों पर रचित गीतों का संकलन

20. Recent Advances of 

Conservation of Manscripts 

(ed.) Prof. Govind  Sharma Rs.175.00

Papers of eminent scholers presented on Manuscript Conservation at a seminar held at VRI.

21. श्रीनृसिंह पाठावली, 

(सम्पा.)  डॉ.उमारमण झा  एवं गोपालचंद्र घोष

Shri Nrisimha Pathavali 

(ed.) Dr. Uma Raman Jha &

Gopal Chandra Ghosh Rs. 300.00

संस्थान में संगृहीत पांडुलिपियों में भगवान् नृसिंह के स्तोत्रों, श्लोकों आदि का पाठोपयोगी संकलन। विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित नृसिंह प्रतिमाओं के चित्रों सहित।

22. गीत ब्रज वसुन्धरा के, (संपा.) डॉ. सरोजिनी कुलश्रेष्ठ

Geet Braj Vasundhara Ke, 

(ed.) Dr. Sarojini Kulashreshtha, Rs. 250.00

ब्रजांचल में विभिन्न अवसरों पर गाए जाने वाले लोकगीतों का शोधपरक संकलन।

23. श्रीमद्भागवत दिव्य दर्शन, (संपा.) डॉ.रजनी भटनागर 

Shrimad Bhagavata Divya Darshan 

(ed.) Dr. Rajni Bhatnagar, Rs. 80.00

श्रीमद्भागवत ग्रन्थ का डॉ. भटनागर द्वारा किया गया सार-संग्रह।

·  चित्रित पोस्टकार्ड

Illustrated Postcards,  Rs. 60.00

संस्थान में संगृहीत दुर्लभ पेंटिंग्स पर आधारित 10 पोस्टकार्डों का सेट।

24. स्वस्ति संकल्प, (डॉ. रामदास गुप्त स्मृति ग्रन्थ)

(संपा.) श्री भवानीशंकर शुक्ल

Svasti Sankalpa, 

(ed.) Dr.Bhawani Shankar Sukla,Rs. 500.00

A memorial volume dedicated to Dr. R.D. Gupta, the founder of VRI, containing articles of eminent scholars on various aspects of Indology.

25. भारत भाव रूप श्रीकृष्ण,  (सम्पा.) भवानीशंकर शुक्ल

Bharat Bhav Roop Sri Krishna, 

(ed.) Bhawani Shankar Sukla.  Rs. 500.00 ISBN : 978-81-904946-2-5

संस्थान में सम्पन्न राष्ट्रीय संगोष्ठी में विख्यात विद्वानों द्वारा कृष्ण के विविध  आयामों पर प्रस्तुत शोधपत्रों का संकलन

26. आधुनिक हिन्दी कविता में राधाकृष्ण, 

डॉ. ओंकार त्रिपाठी

Aadhunik Hindi Kavita 

mein Radha Krishna,

Dr. Onkar Tripathi,  Rs. 500.00  ISBN : 978-81-904946-4-9

आधुनिक हिन्दी काव्य में राधाकृष्ण की विविध रूपों में व्याप्ति का शोधपरक विवेचन।

27. लघु सिद्धान्त कौस्तुभः 

(संपा.) डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा,

Laghu Siddhant Kaustubh 

(ed.) Dr. Pramod Kumar Sharma 

Rs.120.00 Paper Back, Rs. 180.00 Hard Bound. ISBN : 978-81-904946-6-3

संस्कृत व्याकरण के अध्येताओं के लिए उपयोगी ग्रन्थ।

28. वृन्दावन के श्रीरंग मंदिर का श्रीब्रह्मोत्सव

(संपा.) डॉ. राजेश शर्मा एवं डॉ. महेश नारायण शर्मा

Vrindavan Ke Shri Rang Mandir ka Sri Brahmotsav

(ed.) Dr. Rajesh Sharma & Dr. Mahesh Narayan Sharma

Rs. 250.00 Paper Back, Rs. 275.00 Hard Bound. ISBN : 978-81-904946-5-6  

वृन्दावन में दक्षिण भारतीय शैली में निर्मित श्रीरंग मंदिर के विख्यात ब्रह्मोत्सव (रथ का मेला) के सम्बन्ध में शोधपरक जानकारी से युक्त प्रकाशन।

29. वृन्दावन की फूल बंगला कला 

(संपा.) डॉ. राजेश शर्मा एवं डॉ. महेश नारायण शर्मा

Vrindavan ki Phool Bangla Kala 

(ed.) Dr. Rajesh Sharma & Dr. Mahesh Narayan Sharma

Rs. 300.00 Paper Back,  Rs. 325.00 Hard Bound. ISBN : 978-81-904946-3-2  

वृन्दावन के मन्दिरों, लीला मंचों आदि पर कलात्मक रूप से बनाए जाने वाले पारम्परिक फूल-बंगला के सम्बन्ध में निर्माण, सज्जा, कलाकारों आदि का तथ्यपरक विवेचन।

30. वृन्दावन की मल्ल विद्या परम्परा 

(संपा.) डॉ.राजेश शर्मा एवं डॉ. महेश नारायण शर्मा

Vrindavan ki Mallah Vidhya Prampra 

(ed.)   Dr. Rajesh Sharma & Dr. Mahesh Narayan Sharma

Rs. 150.00 Paper Back, Rs. 190.00 Hard Bound. ISBN : 978-81-904946-7-0

स्थानीय मल्लविद्या के विविध पक्षों, पारिभाषिक शब्दावली, अल्पज्ञात-अज्ञात दस्तावेज़ी स्रोतों एवं लोक की वाचिक परम्परा में विद्यमान महत्त्वपूर्ण तथ्यों पर केन्द्रित शोधपरक सर्वेक्षण कार्य।

31. ब्रज की तुलसी कंठीमाला 

(संपा.) डॉ.राजेश शर्मा एवं डॉ. महेश नारायण शर्मा

Braj ki Tulsi Kanthi Mala 

(ed.) Dr. Rajesh Sharma & Dr. Mahesh Narayan Sharma

Rs. 90.00 Paper Back, Rs. 140.00 Hard Bound. ISBN : 978-81-904946-9-0

ब्रज में तुलसी का महत्व, स्थानीय लोकपरम्परा में कण्ठीमाला, तुलसी काष्ठ से बनी कण्ठियों का वैविध्य, पुराणों सहित स्थानीय देवालयी अल्पज्ञात, अज्ञात दस्तावेज़ों में उक्त विषयक उल्लेख, कण्ठियों के आकार प्रकार एवं उपयोगिता पर केन्द्रित शोधपरक कार्य।

32. ब्रज की साँझी 

(संपा.) डॉ. राजेश शर्मा एवं डॉ. महेश नारायण शर्मा

Braj ki Sanjhi 

(ed.) Dr. Rajesh Sharma & Dr. Mahesh Narayan Sharma

Rs. 200.00 Hard Bound. ISBN : 978-81-935048-1-9

ब्रज की लोक एवं देवालयी परम्परा में साँझी के अल्पज्ञात-अप्रकाशित पक्षों तथा समग्र परम्परा के शोधपरक दस्तावेज़ीकरण से युक्त सचित्र प्रकाशन। 

 

33. भारतीय लोकवार्ता में श्रीकृष्ण

(संपा.) भवानीशंकर शुक्ल एवं डॉ. महेश नारायण शर्मा

Bhartiya Lokvarta main Sri Krishna 

(ed.) Bhawani Shanker Shukla & Dr. Mahesh Narayan Sharma 

Rs. 450.00 Hard Bound. ISBN : 978-81-904946-8-7

भारत की आंचलिक संकृति में श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व तथा व्याप्ति पर आधारित त्रि-द्विवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘भारतीय लोकवार्ता में श्रीकृष्ण’ विषयक शोधपत्रों का संकलन।

34. तानसेन कृत रागमाला, (संपा.) हरिमोहन मालवीय 

Tansen : Raag Mala (ed.) Hari Mohan Malviya 

Rs. 200.00 Hard Bound.

अकबर के दरबारी नवरत्न तानसेन की रचना रागमाला का पाण्डुलिपियों पर आधारित पाठान्तर एवं पाठ निर्धारण से युक्त शोधपरक प्रकाशन।

35. ब्रज की पुस्तक ठौर और उसका सूची पत्र [एक सांस्कृतिक अध्ययन]

(संपा.) प्रगति शर्मा

Braj ki Pustak Thor aur Uska Suchi Patra [Ek Sanskritik Adhyayan]

(ed.) Smt. Pragati Sharma, Rs. 150.00  ISBN : 978-81-935048-0-2

भारत में पाण्डुलिपियों के सूचीकरण (Catalogue) की परम्परा का क्रमिक विकास तथा 16वीं शताब्दी में चैतन्य महाप्रभु की परम्परा से जुड़े गौड़ीय आचार्यों के द्वारा ब्रज-वृन्दावन में स्थापित अल्पज्ञात पाण्डुलिपि ग्रन्थागार और उसके अप्रकाशित सूची पत्र (कैटलॉग) पर केन्द्रित सन्दर्भों की खोज एवं ब्रज की तत्कालीन ज्ञान परम्परा के सांकृतिक अध्ययन पर एकाग्र।

36. नृसिंह चम्पू , (संपा.)  डॉ0 उमा भास्कर

Narsingh Champu

(ed.) Dr. Uma Bhaskar, Rs. 75.00 

भगवान नृसिंह के स्तोत्र का सानुवाद विवेचन।

37. पांडुलिपियों की क-ख-ग 

(संपा.) प्रगति शर्मा

Pandulipiyon ki ka-kha-ga

(ed.) Pragati Sharma, Rs. 100.00  ISBN : 978-81-935048-2-6

मुद्रण तकनीकी [Printing Technology] से पूर्व हस्तलिखित ग्रंथों के युग में प्रचलित संकेताक्षरों, 

लेखन प्रविधि, शब्दांक, काल निर्धारण पद्धति, प्रतिलिपिकार एवं नागरी लिपि की पोथियों से जुड़ी 

विविधताओें के अध्ययन पर एकाग्र।

38. ब्रजभाषा गद्य के अप्रसारित संदर्भ  

(संपा.) डॉ.राजेश शर्मा, सर्वेक्षण - विभुकृष्ण भट्ट

Brajbhasha Gadh ke Aprasarit Sandrabh

(ed.) Dr.Rajesh Sharma, Survey - Vibhu Krishna Bhatt Rs. 120.00     ISBN :  978-81-935048-3-3

ब्रजभाषा साहित्य की समृद्ध परम्परा के अन्तर्गत गद्य विषयक अल्पज्ञात एवं अप्रकाशित सन्दर्भों के सर्वेक्षण, प्रलेखन तथा प्रकाशन पर केन्द्रित शोध परियोजना।

39. स्वामी दामोदरदास ग्रंथावली 

(संपा.) डॉ.राजेश शर्मा

Swami Damodar das Granthavali

(ed.) Dr.Rajesh Sharma, Rs. 170.00       ISBN :  978-81-935048-4-0

17वीं सदी में ब्रजभाषा के भक्त कवि स्वामी दामोदर दास जी की अप्रकाशित पाण्डुलिपियों पर आधारित शोध कार्य।

40. ब्रज बसंत

(संपा.) डॉ.राजेश शर्मा

Braj Basant

(ed.) Dr.Rajesh Sharma

बसंतोत्सव -2019 के अवसर पर आयोजित ‘मूर्त एवं अमूर्त संदर्भों में बसंत’ विषयक प्रदर्शनी तथा ब्रज वृंदावन और बसंत विषयक दुर्लभ संदर्भों पर एकाग्र संगोष्ठी पर अभिलेखन।

41. श्रीकृष्ण संदर्भ यात्रा : एक दृष्टि 

(संपा.) डॉ.राजेश शर्मा

Sri Krishna Sandarbh Yatra : Ek Drishti 

(ed.) Dr.Rajesh Sharma

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव – 2019 के अवसर पर आयोजित  ‘श्रीकृष्ण जन्म : परंपरा और विस्तार’  शीर्षक प्रदर्शनी तथा सात दिवसीय आयोजन पर केन्द्रित।

42. साँझी कला और सन्दर्भ

(संपा.) डॉ.राजेश शर्मा

Sanjhi Kala Aur Sandrabh

(ed.) Dr.Rajesh Sharma

साँझी महोत्सव – 2019 के अवसर पर आयोजित साँझी परंपरा विषयक प्रदर्शनी, व्याख्यान एवं संगोष्ठी पर केन्द्रित।