सांस्कृतिक क्रियाकलाप

दिनांक 20 अगस्त से 26 अगस्त 2019 को सात दिवसीय ‘श्रीकृष्ण जन्मोच्छव’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत श्रीकृष्ण के विभिन्न पक्षों पर प्रख्यात विद्वानों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर दिनांक 20 अगस्त 2019 को एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। प्रदर्शनी में श्रीकृष्ण से संबंधित दुर्लभ चित्रों, पांडुलिपियों एवं अन्य सामग्री को प्रदर्शित किया गया।

दिनांक 23 अगस्त 2019 से 25 अगस्त 2019 तक संस्कृति विभाग उ0प्र0 द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव-2019 का आयोजन किया गया। दिनांक 23 अगस्त 2019 को बरसाना में श्रीराधाकृष्ण रूप-सज्जा, जल सांझी एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

दिनांक 14 सितम्बर से 28 सितम्बर 2019 तक ‘ब्रज लोक कला एवं साँझी’ विषयक प्रदर्शनी आयोजित की गई। इस अवसर पर दिनांक 14 सितम्बर 2019 को विषय से संबंधित एक सेमिनार का भी आयोजन किया गया। संत गोविन्दानंद तीर्थ की अध्यक्षता में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे पद्मश्री कृष्ण कन्हाई।

दिनांक 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती के अवसर पर ‘महात्मा गाँधी का योगदान’ विषयक व्याख्यान ए0बी0एस0ए, मथुरा के छात्रों द्वारा दिया गया।

संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव’ का आयोजन सागर (म0प्र0) में किया गया। दिनांक 16 अक्टूबर 2019 को संस्थान द्वारा ब्रज की रासलीला पर आधारित एक लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन ब्रज के प्रख्यात कलाकारों ने किया।

दिनांक 14-15 नवंबर 2019 को ‘निम्बार्काचार्य वृंद जयन्ती महोत्सव’ की 176वीं वर्षगांठ के अवसर पर 2 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। भारत के 12 एवं 2 विदेशी विद्वानों ने द्वैतवाद और अन्य वैष्णव दर्शनों पर व्याख्यान दिया।

संस्थान का 52वाँ स्थापना दिवस समारोह दिनांक 24-25 नवम्बर 2019 को आयोजित किया गया। 24 नवम्बर 2019 को संस्थापक डाॅ. रामदास गुप्त स्मृति व्याख्यान के अंतर्गत ‘श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के रहस्य’ विषय पर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रो. गंगाधर पण्डा ने व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्वामी गोविन्दानन्द तीर्थ ने अध्यक्षता की। व्याख्यान के उपरान्त पं. आनन्द कुमार मलिक द्वारा धु्रपद संगीत प्रस्तुति दी गई।

दिनांक 25 नवम्बर 2019 को ‘काव्य रस संगोष्ठी’ का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में 11 काव्यकारों ने प्रतिभागिता की। मुख्य अतिथि थे उ॰प्र॰ ब्रजतीर्थ विकास परिषद् के उपाध्यक्ष श्री शैलजाकान्त मिश्र। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा ब्रज लोक कला साँझी एवं रंगोली का प्रस्तुतीकरण किया गया तथा विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि के द्वारा पुरस्कार वितरण किये गये।

दिनांक 7 जनवरी 2020 को ‘भारत का संविधान’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अनेक विद्वानों ने सहभागिता की।

दिनांक 19 से 21 जनवरी 2020 तक ‘युगयुगीन श्रीकृष्णः व्याप्ति एवं संदर्भ’ परियोजना हेतु 3 दिवसीय संगोष्ठी त्रिशूर, केरल में आयोजित की गई। संगोष्ठी में दक्षिण भारत में प्रचलित श्रीकृष्ण पंथ के विभिन्न पक्षों पर जानकारी प्राप्त की।   

दिनांक 30 जनवरी 2020 को बसंत पंचमी के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्वानों ने ब्रज साहित्य में बसंत के संदर्भों पर अपने विचार व्यक्त किए।

दिनांक 08 फरवरी 2020 को ‘ब्रज बसंत’ विषयक एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आचार्य चंद्रप्रकाश शर्मा द्वारा ब्रज बसंत पर व्याख्यान दिया गया। स्वामी गोविन्दानंद तीर्थ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। संगोष्ठी में विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए।

दिनांक 16 फरवरी 2020 को श्री श्री रविशंकर के शिष्यों की देखरेख में ध्यान योग पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में संस्थान स्टाफ के सदस्यों ने चर्चा की।

दिनांक 27 फरवरी 2020 को श्रीमदभगवद गीता विविध आयाम विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी द्वारा की गई। मुख्य अतिथि थे स्वामी गोविन्दानंद तीर्थ। श्री वृन्दावनबिहारी, डाॅ. उमेश शर्मा, डाॅ. चंद्रप्रकाश शर्मा, एवं श्री आदित्य चैधरी ने विषय पर व्याख्यान दिया।

वृन्दावन शोध संस्थान
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